*1. अंगार सैन -* गांधार (वैदिक काल)
*2. अश्वकरण -* ईसा पूर्व 326 (मश्कावती दुर्ग)
*3. अजयराव -* स्यालकोट (सांकल दुर्ग) ईसा पूर्व 326
*4. प्रचेता -* मलेच्छ संहारक
*5. शाशिगुप्त -* साइरस के समकालीन
*6. सुभाग सैन -* मौर्य साम्राज्य के समकालीन
*7. राजाराम शाह -* 909ईसवी रामपुर रोहिलखण्ड
*8. बीजराज -* रोहिलखण्ड
*9. करण चन्द्र -* रोहिलखण्ड
*10. विग्रह राज -* रोहिलखण्ड - गंगापार कर स्रुघ्न जनपद (सुगनापुर) यमुना तक विस्तार दसवीं शताब्दी में सरसावा में किले का निर्माण पश्चिमी सीमा पर, यमुना द्वारा ध्वस्त टीले के रूप में नकुड़ रोड पर देखा जा सकता है।
*11. सावन्त सिंह -* रोहिलखण्ड
*12. जगमाल -* रोहिलखण्ड
*13. धिंगतराव -* रोहिलखण्ड
*14. गोंकुल सिंह -* रोहिलखण्ड
*15. महासहाय -* रोहिलखण्ड
*16. त्रिलोक चन्द -* रोहिलखण्ड
*17. रणवीर सिंह -* रोहिलखण्ड
*18. सुन्दर पाल -* रोहिलखण्ड
*19. नौरंग देव -* रोहिलखण्ड
*20. सूरत सिंह -* रोहिलखण्ड
*21. हंसकरण रहकवाल -* पृथ्वीराज के सेनापति
*22. मिथुन देव रायकवार -* ईसम सिंह पुण्डीर के मित्र थाना भवन शासक
*23. सहकरण, विजयराव -* उपरोक्त
*24. राजा हतरा -* हिसार
*25. जगत राय -* बरेली
*26. मुकंदराज -* बरेली 1567 ई.
*27. बुधपाल -* बदायुं
*28. महीचंद राठौर -* बदायुं
*29. बांसदेव -* बरेली
*30. बरलदेव -* बरेली
*31. राजसिंह -* बरेली
*32. परमादित्य -* बरेली
*33. न्यादरचन्द -* बरेली
*34. राजा सहारन -* थानेश्वर
*35. प्रताप राव खींची (चौहान वंश) -* गागरोन
*36. राणा लक्ष्य सिंह -* सीकरी
*37. रोहिला मालदेव -* गुजरात एवम जालोर
*38. जबर सिंह -* सोनीपत
*39. रामदयाल महेचराना -* कलायथ
*40. गंगसहाय ,वीर गंगा सिंह महेचा राठौड़ रोहिला राजपूत -* महेचराना - क्लायथ 1761 ई.
*41. राणा प्रताप सिंह -* कौराली (गंगोह) 1095 ई.
*42. नानक चन्द -* अल्मोड़ा
*43. राजा पूरणचन्द -* बुंदेलखंड
*44. राजा हंस ध्वज -* हिसार व राजा हरचंद
*45. राजा बसंतपाल -* रोहिलखण्ड व्रतुसरदार, सामंत वृतपाल 1193 ई.
*46. महान सिंह बडगूजर -* बागपत 1184 ई.
*47. राजा यशकरण -* अंधली
*48. गुणाचन्द -* जयकरण - चरखी - दादरी
*49. राजा मोहनपाल देव -* करोली
*50. राजारूप सैन -* रोपड़
*51. राजा महीपाल पंवार -* जीन्द
*52. राजा परपदेड पुंडीर -* लाहौर
*53. राजा लखीराव -* स्यालकोट
*54. राजा जाजा जी तोमर -* दिल्ली
*55. खड़ग सिंह -* रोहिलखण्ड लौदी के समकालीन
*56. राजा हरि सिंह -* खिज्रखां के दमन का शिकार हुआ - कुमायुं की पहाड़ियों में अज्ञातवास की शरण ली
*57. राजा इन्द्रगिरी (रोहिलखण्ड) (इन्द्रसेन) -* सहारनपुर में प्राचीन रोहिला किला बनवाया रोहिला क्षत्रिय वंश भास्कर लेखक आर. आर. राजपूत मुरसेन अलीगढ से प्रस्तुत
*58. राजा बुद्ध देव रोहिला -* 1787 ई., सिंधिया व जयपुर के कछवाहो के खेड़ा व तुंगा के मैदान में हुए युद्ध का प्रमुख पात्र (राय कुँवर देवेन्द्र सिंह जी राजभाट, तुंगा (राजस्थान)
तुंगा का युद्ध (जब राठौड़ों की तलवारों ने फ्रांसीसी तोपों के चीथड़े उड़ा दिए!)
इतिहास की किताबों में मराठों की ताकत बहुत गाई जाती है, लेकिन जयपुर और जोधपुर की संयुक्त सेना ने 1787 में जो किया था, वो दुनिया का सबसे खौफनाक 'कैवेलरी चार्ज' था!
*राजा बुद्धदेव रोहिला भी इस युद्ध। का प्रमुख पात्र था।*
"फ्रांसीसी तोपों के सामने नंगी तलवारें लेकर टूट पड़े थे मारवाड़ के शेर... इतिहास का सबसे खौफनाक कैवेलरी चार्ज!
1787 ई. में 'तुंगा के युद्ध' में जोधपुर के महाराजा विजय सिंह और जयपुर के महाराजा प्रताप सिंह की संयुक्त राजपूत सेना का सामना महादजी सिंधिया की विशाल मराठा फौज से हुआ।
सिंधिया की फौज के पास फ्रांस के मशहूर जनरल 'डी बोइन' द्वारा ट्रेन की गई सबसे आधुनिक तोपखाना यूनिट थी। तोपों की भयंकर गोलाबारी के बीच, मारवाड़ के राठौड़ घुड़सवारों ने मौत की परवाह किए बिना अपनी तलवारें निकालीं और सीधे तोपों के मुहाने पर अकल्पनीय 'सुसाइड चार्ज' कर दिया!
राठौड़ों की इस आंधी ने फ्रांसिसी जनरलों के होश उड़ा दिए। उन्होंने तोपचियों को वहीं काट डाला और मराठा सेना के बीचों-बीच घुसकर लाशों के ढेर लगा दिए। इस भयंकर राजपूती हमले के खौफ से महादजी सिंधिया को रातों-रात मैदान छोड़कर भागना पड़ा था!
*नोट* ..*इनके अतिरिक्त और बहुत से रोहिला शासक विभिन्न स्थानों पर हुए,जिनकी खोज जारी हैं क्योंकि क्षत्रिय इतिहास को छिपाया गया है जैसे महोबा में चंदेला से पहले रोहिला शासन था, राजस्थान के राठौड़ रोहिलखंड बंदायू से आए थे*
* दिनांक 10मई 2011 प्रकाशित.क्षत्रिय आवाज मासिक पत्रिका एवम राजपूत/क्षत्रिय वाटिका(क्षत्रिय वंशावली) 22अगस्त2012 🙏*
*जय राजपूताना*
*विशेष नोट__ये चित्र नेट द्वारा सोसल मीडिया से लिए गए केवल प्रतीकात्मक रूप है लेखक का उनसे कोई लेना देना नही है।।।
विभिन्न राजाओं के चित्र केवल प्रतीकात्मक है ये रोहिलखंड के और राजपूताना रोहिलखंड के राजा नही है।।
आभार दर्शकों का
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